पंजाब के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी और फार्मास्युटिकल शिक्षा प्रदान करने के लिए भगवंत मान सरकार विश्वविद्यालयों को बना रही है भविष्य उन्मुख: हरजोत सिंह बैंस
Bhagwant Mann government is making universities future
* पंजाब की उच्च शिक्षा को रोजगार और उद्योग की भविष्य की जरूरतों के अनुरूप ढाला जा रहा है: हरजोत सिंह बैंस
* रट्टा लगाने का दौर खत्म; भगवंत मान सरकार इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट्स और व्यावहारिक प्रशिक्षण के द्वारा उद्योग-आधारित शिक्षा पाठ्यक्रम पेश कर रही है: हरजोत सिंह बैंस
* गुरदासपुर स्टेट यूनिवर्सिटी में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से एआई, रोबोटिक्स सहित पांच नए कोर्स शुरू किए जाएंगे : बैंस
चंडीगढ़, 6 जून: Bhagwant Mann government is making universities future, राज्य में तकनीकी और पेशेवर शिक्षा को बढ़ावा देने के व्यापक प्रयासों के तहत पंजाब के शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने घोषणा की कि सरदार बेअंत सिंह स्टेट यूनिवर्सिटी, गुरदासपुर में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से पांच नए उद्योग एवं कौशल-आधारित पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं।
स. बैंस ने कहा कि नए पाठ्यक्रमों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग में बी.टेक, रोबोटिक्स एवं एआई में बी.टेक, बी.फार्मेसी, बी.एससी. एग्रीकल्चर तथा एम.सी.ए., एम.बी.ए. और एम.एससी. के पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड प्रोग्राम शामिल हैं।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह कदम स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के उच्च शिक्षा को रोजगारोन्मुख और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है। उन्होंने कहा, “सिर्फ सिद्धांत और परीक्षा-केंद्रित शिक्षा का पुराना मॉडल अब अप्रासंगिक हो चुका है। इसलिए हम इसे व्यावहारिक प्रशिक्षण, प्रयोगशाला-आधारित सीखने और वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान पर केंद्रित कर रहे हैं। सरदार बेअंत सिंह स्टेट यूनिवर्सिटी अब केवल डिग्री प्रदान करने वाला संस्थान नहीं, बल्कि नवाचार और उद्यमशीलता के इच्छुक युवाओं के लिए एक लॉन्चपैड बनेगी।”
स. बैंस ने बताया कि प्रत्येक विद्यार्थी के लिए एक सेमेस्टर अवधि की अनिवार्य इंटर्नशिप तथा लाइव प्रोजेक्ट्स में भाग लेना आवश्यक होगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि जब कोई छात्र स्नातक बने, तब वह पहले से ही उद्योग के लिए पूरी तरह तैयार हो। उन्होंने कहा कि यह केवल पाठ्यक्रम में बदलाव नहीं, बल्कि पंजाब में सीखने, कमाने और आगे बढ़ने की संस्कृति में एक क्रांतिकारी परिवर्तन है।
शिक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि यह पहल राज्य से प्रतिभा और कौशल के पलायन की प्रवृत्ति को रोकने के उद्देश्य से शुरू की गई है। अब पंजाब के अभिभावकों को अपने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी या फार्मास्युटिकल शिक्षा के लिए मजबूरी में राज्य से बाहर भेजने की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि मान सरकार पंजाब में ही भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक विश्वविद्यालय विकसित कर रही है।